पटना: राज्य सरकार की 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की योजना का असर अब साफ दिखने लगा है। एक अगस्त 2025 से लागू इस योजना के तहत जुलाई माह के बिजली बिल से ही घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलनी शुरू हो गई थी।

इसका बड़ा प्रभाव दिसंबर माह में सामने आया, जब पटना इलेक्ट्रीसिटी सप्लाई यूनिट (पेसू) के अंतर्गत 39.33 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य रहा। इसका मतलब है कि इन उपभोक्ताओं ने महीने में 125 यूनिट से कम बिजली की खपत की।

पेसू के 13 प्रमंडलों में कुल 6,27,284 घरेलू उपभोक्ता पंजीकृत हैं। इनमें से 2,46,719 उपभोक्ताओं की दिसंबर माह की बिजली खपत 125 यूनिट से कम दर्ज की गई, जिससे उन्हें किसी प्रकार का बिजली बिल नहीं देना पड़ा।

यह आंकड़ा दर्शाता है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को योजना का सीधा लाभ मिल रहा है और आम लोगों के मासिक खर्च में उल्लेखनीय कमी आई है।

पेसू के पूर्वी क्षेत्र के छह प्रमंडलों बांकीपुर, राजेंद्र नगर, राजेंद्र नगर-एक, राजेंद्र नगर-दो, पटना सिटी और गुलजारबाग में कुल 2,79,503 घरेलू उपभोक्ता हैं। इनमें से 1,44,378 उपभोक्ताओं ने दिसंबर में 125 यूनिट से कम बिजली की खपत की।

वहीं, पश्चिमी क्षेत्र के सात प्रमंडलों आशियाना, दानापुर, डाक बंगला, गर्दनीबाग, खगौल, नूतन राजधानी और पाटलिपुत्र में कुल 3,47,781 घरेलू उपभोक्ता हैं, जिनमें से 1,02,341 उपभोक्ताओं का बिल शून्य रहा।

मुफ्त बिजली का लाभ लेने में कंकड़बाग-दो प्रमंडल के उपभोक्ता आगे:

प्रमंडलवार स्थिति पर नजर डालें तो 125 यूनिट से कम बिजली खपत करने वाले सबसे अधिक उपभोक्ता कंकड़बाग-दो प्रमंडल में दर्ज किए गए। यहां कुल 69,010 उपभोक्ताओं में से 37,022 उपभोक्ताओं ने मुफ्त बिजली योजना का लाभ लिया।

इसके विपरीत, डाक बंगला प्रमंडल में ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या सबसे कम रही, जहां 17,960 उपभोक्ताओं में से केवल 5,167 उपभोक्ता ही 125 यूनिट से कम खपत कर पाए।

पेसू के खगौल प्रमंडल में सबसे अधिक उपभोक्ता:

पेसे में कुल उपभोक्ताओं की संख्या के लिहाज से खगौल प्रमंडल सबसे आगे है, जहां 76,678 घरेलू उपभोक्ता हैं। डाक बंगला प्रमंडल में सबसे कम उपभोक्ता दर्ज हैं।

फरवरी-मार्च में और ज्यादा उपभोक्ता आएंगे शून्य बिजली बिल की श्रेणी में:

मुफ्त बिजली योजना से उपभोक्ताओं को जहां सीधी आर्थिक राहत मिल रही है, वहीं यह बिजली के विवेकपूर्ण और जिम्मेदार उपयोग की दिशा में भी एक सकारात्मक पहल साबित हो रही है।

सीमित खपत के दायरे में रहने के लिए लोग अब अनावश्यक बिजली उपयोग से बच रहे हैं, जिससे ऊर्जा संरक्षण को भी बल मिल रहा है। आने वाले महीनों में इस योजना के और बेहतर परिणाम सामने आएंगे।

मौसम की स्थिति को देखते हुए फरवरी और मार्च में 125 यूनिट से कम बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है।

इन महीनों में ठंड और गर्मी दोनों का प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहता है, जिसके कारण गीजर, हीटर और पंखे जैसे विद्युत उपकरणों का उपयोग न्यूनतम हो जाता है।

ऐसे में बड़ी संख्या में उपभोक्ता मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाते हुए शून्य बिजली बिल की श्रेणी में आ सकते हैं।

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