समस्तीपुर: राज्य के 56 अनुमंडल अस्पतालों में लोक-निजी साझेदारी के तहत डायलिसिस केंद्र शुरू किए जा रहे हैं। इसके लिए राज्य स्वास्थ्य समिति ने हैदराबाद की एजेंसी अपोलो डायलिसिस प्राइवेट लिमिटेड और नेफ्रोकेयर हेल्थ सर्विसेज लिमिटेड के साथ समझौता किया है।
योजना के तहत अपोलो डायलिसिस को 32 और नेफ्रोकेयर हेल्थ सर्विसेज को 24 अनुमंडल अस्पतालों में डायलिसिस इकाई स्थापित कर उसका संचालन करना है।
इन केंद्रों पर मरीजों को हेमोडायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय ने सभी सिविल सर्जन को पत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिए हैं।
अस्पतालों के उपाधीक्षक व अस्पताल प्रबंधक को एजेंसी के प्रतिनिधियों को 700 से एक हजार वर्गफीट तक जगह उपलब्ध करानी होगी।
एजेंसी को स्थान हस्तांतरण की तिथि से 60 दिनों के भीतर डायलिसिस सेवा शुरू करनी होगी। प्रारंभ में तीन से पांच मशीनों के साथ यूनिट स्थापित की जाएगी, जिसे आवश्यकता अनुसार बढ़ाया जाएगा। डायलिसिस केंद्रों का संचालन सुबह नौ से शाम पांच बजे तक किया जाएगा।

इन अनुमंडलीय अस्पतालों में पहली बार शुरू होगी डायलिसिस इकाई:
अपोलो डायलिसिस के लिए समस्तीपुर जिले के रोसड़ा, दलसिंहसराय, पटोरी व पूसा, दरभंगा के बेनीपुर व बिरौल, मधुबनी के बेनीपट्टी, झंझारपुर व जयनगर, पटना के बाढ़, दानापुर, पालीगंज व मसौढ़ी।
कटिहार के बारसोई व मनिहारी, पूर्णिया के बनमंखी व धमदाहा, सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर, अररिया के फारबिसगंज, मधेपुरा के उदाकिशुनगंज, सुपौल के निर्मली, त्रिवेणीगंज व बसंतपुर ।
कैमूर के मोहनिया, रोहतास के डेहरी व बिक्रमगंज, औरंगाबाद के दाउदनगर, भोजपुर के जगदीशपुर, बक्सर के डुमराव तथा गया के टेकारी व शेरघाटी अनुमंडलीय अस्पताल का चयन किया गया है।
नेफ्रोकेयर हेल्थ सर्विसेज के लिए पूर्वी चंपारण के रक्सौल, ढाका, चकिया, अरेराज व पकड़ीदयाल, पश्चिमी चंपारण के नरकटियागंज व बगहा, सीतामढ़ी के बेलसंड, वैशाली के महुआ, बेगूसराय के तेघरा, बलिया व मंझौल, खगड़िया के गोगरी।
मुंगेर के तारापुर व हवेली खड़गपुर, नवादा के रजौली, भागलपुर के कहलगांव व नवगछिया, नालंदा के राजगीर व हिलसा, सारण के सोनपुर व मरहौरा, गोपालगंज के हथुआ तथा सिवान के महाराजगंज अनुमंडलीय अस्पतालों में डायलिसिस केंद्र संचालन के लिए अधिकृत किया गया है।