समस्तीपुर: रेलवे बोर्ड के नए दिशा-निर्देश के तहत बिहार समेत देश के विभिन्न हिस्सों में चल रही 6 जोड़ी क्लोन स्पेशल ट्रेनों का परिचालन 28 फरवरी के बाद ठप होने की आशंका जताई जा रही है।
रेलवे द्वारा अभी तक इन ट्रेनों की अवधि बढ़ाने को लेकर कोई नया नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है, जिससे यात्रियों की चिंता बढ़ गई है।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, हर महीने करीब 3 लाख 60 हजार से अधिक यात्री इन ट्रेनों से सफर करते थे, जिससे रेलवे को लगभग 23 करोड़ 40 लाख रुपये से अधिक की मासिक आय होती थी।
इन ट्रेनों के बंद होने की स्थिति में रेलवे को सीधे तौर पर इतने बड़े राजस्व से वंचित होना पड़ेगा।
समस्तीपुर होकर चलने वाली तीन जोड़ी ट्रेनें:
समस्तीपुर जंक्शन होकर चलने वाली चार जोड़ी क्लोन स्पेशल ट्रेनों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इनमें न्यू जलपाईगुड़ी-अमृतसर क्लोन ट्रेन संख्या 04653, जयनगर-अमृतसर क्लोन ट्रेन संख्या 04651 और दरभंगा-अहमदाबाद क्लोन ट्रेन संख्या 09466 शामिल हैं।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, एक क्लोन ट्रेन से औसतन एक ट्रेन से एक माह में लगभग 22,500 यात्री सफर करते थे। जिस से हर माह करीब 1 करोड़ 46 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त होता था।
बिहार के अन्य स्टेशनों से चलने वाली ट्रेनें:
इसके अलावा बिहार के अन्य स्टेशनों से होकर चलने वाली तीन जोड़ी क्लोन ट्रेनों का भी भविष्य अधर में लटका हुआ है। इनमें दानापुर-बेंगलुरु सिटी क्लोन ट्रेन संख्या 06510, पटना-अहमदाबाद क्लोन ट्रेन संख्या 09448 तथा छपरा-सूरत क्लोन ट्रेन संख्या 09066 शामिल हैं।

पांच साल बाद पहली बार संकट :
बताया जा रहा है कि इन क्लोन ट्रेनों ने पिछले करीब पांच वर्षों से यात्रियों को लगातार सेवाएं दी हैं। यह पहला मौका है जब इन ट्रेनों के बंद होने की आशंका सामने आई है।
क्लोन ट्रेनों की शुरुआत विशेष रूप से भीड़ नियंत्रण और अतिरिक्त यात्री दबाव को कम करने के उद्देश्य से की गई थी।
बुकिंग बंद, यात्री परेशानः
इन सभी ट्रेनों की गिनती क्लोन स्पेशल श्रेणी में होती है, जिनकी एडवांस रिजर्वेशन अवधि 30 दिन होती है। लेकिन मार्च माह की बुकिंग अब तक शुरू नहीं हुई है, जिससे यात्रियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई यात्रियों ने वैकल्पिक ट्रेनों की तलाश शुरू कर दी है।
नवीनीकरण नहीं हुआ तो सेवा बंद :
रेलवे सूत्रों के अनुसार, यदि 28 फरवरी तक इन ट्रेनों के परिचालन की अवधि का नवीनीकरण नहीं किया गया, तो मार्च से इनका संचालन स्वतः बंद हो जाएगा।
ऐसे में दिल्ली, अहमदाबाद, अमृतसर, सूरत और बेंगलुरु जैसे महानगरों की यात्रा करने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
रेलवे के निर्णय पर टिकी नजर :
फिलहाल यात्रियों और रेल उपयोगकर्ताओं की नजर रेलवे बोर्ड के अगले निर्णय पर टिकी हुई है। यदि समय रहते इन ट्रेनों की अवधि नहीं बढ़ाई गई, तो उत्तर बिहार सहित पूरे राज्य के यात्रियों की मुश्किलें बढ़ना तय मानी जा रही हैं।