समस्तीपुर: राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-322 (NH-322) पर स्थित पुराने रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) को फोरलेन बनाने का मुद्दा अब संसद तक पहुंच गया है।

नियम 377 के तहत सांसद शांभवी चौधरी ने सरकार का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकृष्ट कराया है। इससे स्थानीय लोगों को जल्द जाम से राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

समस्तीपुर जिले के 67वें किलोमीटर पर स्थित यह आरओबी फिलहाल टू-लेन है, जबकि इससे जुड़ी दोनों सड़कें फोरलेन हैं। इसी कारण यहां प्रतिदिन लंबा जाम लगता है।

यह मार्ग हाजीपुर और दरभंगा को जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है, जिस पर भारी वाहनों के साथ स्थानीय यातायात का दबाव भी बना रहता है।

जाम की समस्या से स्कूली बच्चों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाएं भी घंटों फंसी रहती हैं, जिससे लोगों की जान तक जोखिम में पड़ जाती है।

इस समस्या के समाधान के लिए बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग ने 24 मार्च 2025 को पुराने पुल के समानांतर नया फोरलेन आरओबी बनाने के लिए डीपीआर कंसल्टेंट की नियुक्ति का प्रस्ताव भेजा था। हालांकि, अब तक इसे अंतिम स्वीकृति नहीं मिल सकी है।

सांसद ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री से आग्रह किया है कि जनहित को देखते हुए इस प्रस्ताव को जल्द मंजूरी दी जाए और निर्माण प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि इस महत्वपूर्ण मार्ग को जाम मुक्त बनाया जा सके।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द फोरलेन आरओबी का निर्माण शुरू होता है, तो यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और क्षेत्र के आर्थिक व सामाजिक विकास को भी गति मिलेगी।

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