नई दिल्ली: भारत के विरुद्ध कोलंबो में 15 फरवरी को होने वाले टी-20 विश्व कप मुकाबले का बहिष्कार करने के अपने निर्णय को अंतरराष्ट्रीय समर्थन दिलाने की कोशिश में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को करारा झटका लगा है।
सूत्रों के अनुसार, पीसीबी ने इस फैसले के समर्थन में कई अन्य सदस्य क्रिकेट बोर्डों से संपर्क किया, लेकिन एक भी बोर्ड ने पाकिस्तान के रुख का समर्थन नहीं किया।
पाकिस्तान ने भले ही मैच के बहिष्कार करने का निर्णय किया है, लेकिन पीसीबी ने आईसीसी को लिखित रूप से कुछ नहीं बताया है और न ही अब तक औपचारिक रूप से संपर्क किया है।
इस कारण पड़ा अलग-थलग:
आधिकारिक संवाद न होने से पीसीबी पूरी तरह अलग-थलग पड़ चुका है। इस कदम से पीसीबी उसी वैश्विक क्रिकेट समुदाय से दूर होता जा रहा है, जिस पर उसका अस्तित्व निर्भर करता है।
सूत्रों के मुताबिक, अन्य अंतरराष्ट्रीय बोर्डों से पीसीबी को जो प्रतिक्रिया मिली, वह बेहद स्पष्ट और सख्त थी। अधिकांश बोर्डों की राय में इस मामले में पाकिस्तान के पास कोई वैधानिक आधार नहीं है।

बांग्लादेश के समर्थन में उठाया गया यह कदम कई बोर्डों की नजर में एक कृत्रिम संकट से अधिक कुछ नहीं है। अन्य बोर्डों ने पीसीबी के रुख में कई गंभीर विरोधाभास भी गिनाए हैं।
हाल ही में पाकिस्तान ने अंडर-19 विश्व कप में भारत के विरुद्ध बिना किसी विरोध या बहिष्कार के मुकाबला खेला। इसके अलावा पाकिस्तान की महिला ‘ए’ टीम भी 15 फरवरी को ही राइजिंग स्टार्स एशिया कप 2026 में भारत ‘ए’ के विरुद्ध खेलेगी और इसको लेकर भी पीसीबी ने कुछ नहीं कहा है।
जानबूझकर कर रहा है बखेड़ा खड़ा:
यानी पाकिस्तान जानबूझकर टी-20 विश्व कप को लेकर बखेड़ा खड़ा कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि जब टी20 विश्व कप का भारत-पाकिस्तान मुकाबला कोलंबो जैसे तटस्थ स्थल पर खेला जाना है, तो बांग्लादेश द्वारा भारत यात्रा को लेकर जताई गई सुरक्षा चिंताओं को पाकिस्तान के मामले में लागू करना तार्किक रूप से उचित नहीं ठहराया जा सकता।
आईसीसी पहले ही पाकिस्तान के फैसले को लेकर उसके घरेलू क्रिकेट ढांचे पर दीर्घकालिक प्रतिबंधों की चेतावनी दे चुका है।
ऐसे में बोर्डरूम में किसी भी सहयोगी के बिना पीसीबी का यह दांव अब उसे गंभीर संकट में डालता नजर आ रहा है। अन्य बोर्डों ने यह भी याद दिलाया है कि चुनिंदा भागीदारी किसी वैश्विक खेल आयोजन की बुनियादी अवधारणा के विरुद्ध है। स्थिति यह है अब पीसीबी अब खुद चारों ओर से घिरता दिख रहा है।
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान को 3.8 करोड़ डॉलर (लगभग 315 करोड़ रुपये) से अधिक के भारी आर्थिक जुर्माने, महत्वपूर्ण विश्व कप अंकों के नुकसान और यहां तक कि निलंबन का भी सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि अभी भी पाकिस्तान के पास अपने रुख में बदलाव करने के लिए सीमित समय है। जानकारों का कहना है कि अगर पीसीबी ऐसा नहीं करता है तो पीसीबी को कंगाल होने से कोई नहीं रोक सकता।