समस्तीपुर: शीतकाल के आगमन के साथ ही कुहासे का असर रेलवे परिचालन पर दिखना शुरू हो गया है। घने कोहरे के कारण दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है, इसी को देखते हुए समस्तीपुर रेल मंडल ने ट्रैक से लेकर सिग्नल व्यवस्था तक कई एहतियाती कदम उठाए हैं।

अभियंत्रण विभाग ने रेलवे लाइनों की विशेष पेट्रोलिंग शुरू कर दी है, जबकि परिचालन विभाग की ओर से पूरे सेक्शन में पटाखा सिग्नल लगाने की व्यवस्था कर दी गई है, जिससे दृश्यता कम होने पर भी ट्रेनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।

अभियंत्रण विभाग ने रेलवे लाइनों की विशेष पेट्रोलिंग शुरू कर दी है, जबकि परिचालन विभाग की ओर से पूरे सेक्शन में पटाखा सिग्नल लगाने की व्यवस्था कर दी गई है, जिससे दृश्यता कम होने पर भी ट्रेनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।

अधिकारियों के अनुसार पटाखा सिग्नल की व्यवस्था होम सिग्नल से लेकर डिस्टेंस सिग्नल तक सुनिश्चित की गई है। समस्तीपुर जंक्शन के भोला टॉकीज के पास स्थित होम सिग्नल से लेकर यार्ड क्षेत्र के 1200 मीटर दूर तक डिस्टेंस सिग्नल लगाया गया है। इसके अलावा रिले पैनल और महत्वपूर्ण स्थानों पर भी ये सिग्नल तैनात हैं।

कोहरा बढ़ने पर ट्रेन चालक पटाखे की आवाज से सतर्क हो जाते हैं, जिससे ट्रेन की स्पीड नियंत्रित रखकर आगे बढ़ने में सुरक्षा बनी रहती है।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि कुहासे के मद्देनजर सभी लोको पायलट, गार्ड और स्टेशन मास्टरों को विशेष गाइडलाइन जारी कर दी गई है।

ट्रेन संचालन के दौरान दृश्यता कम होने पर गति सीमा घटा दी जाएगी, जिसका सीधा असर ट्रेनों की रफ्तार पर पड़ेगा। कई बार घने कोहरे के समय ट्रेनें निर्धारित समय से काफी देर तक चलती हैं, ऐसे में यात्रियों को भी अतिरिक्त समय लेकर यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी गई है।

दूसरी ओर, कुहासे के कारण रेलवे ने दिसंबर से कई ट्रेनों को रद्द कर दिया है, जबकि कुछ ट्रेनों के फेरों में कटौती की गई है। यह व्यवस्था मार्च 2026 तक जारी रहने की संभावना है।

रेलवे ने कहा है कि मौसम की स्थिति में सुधार होने पर ही ट्रेनों का परिचालन सामान्य किया जाएगा। कुहासे के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए रेलवे की तैयारी से यात्री सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।

17 घंटे विलंब से चल रही हमसफर एक्सप्रेस:

समस्तीपुर जंक्शन पर कई प्रमुख ट्रेनें शुक्रवार को निर्धारित समय से देरी से पहुंचीं, इसके कारण यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा।

दिनभर अलग-अलग रूटों से आने वाली ट्रेनों की लेटलतीफी जारी रही। मिली जानकारी के अनुसार मौर्य एक्सप्रेस (15028) अपने निर्धारित समय से 2 घंटे 30 मिनट की देरी से समस्तीपुर पहुंची।

वहीं आम्रपाली एक्सप्रेस (15708) 1 घंटे 37 मिनट की देरी से स्टेशन पर पहुंची। स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस (12562) भी 1 घंटे 40 मिनट देर से जंक्शन पर पहुंची।

इसी तरह वैशाली एक्सप्रेस (12554) 2 घंटे की देरी से स्टेशन पहुंची, जबकि पूर्वांचल एक्सप्रेस (15048) 1 घंटे 50 मिनट देरी से अपने गंतव्य की ओर बढ़ी।

दरभंगा स्पेशल (04450) सबसे अधिक 6 घंटे लेट रही। वहीं दरभंगा क्लोन ट्रेन (02570) 17 घंटे की भारी देरी से समस्तीपुर पहुंची, जिससे लंबे सफर पर निकले यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

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