मोतिहारी/पूर्वी चंपारण: साइबर ठगों ने ठगी का नया तरीका अपनाते हुए 786 नंबर वाले नोट और पुराने सिक्कों के बदले 45 लाख रुपये देने का लालच देकर एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को अपना शिकार बना लिया।
पीड़ित ने मामले की शिकायत साइबर थाना में दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शहर के बलुआ टाल निवासी सेवानिवृत्त राजस्व कर्मचारी सुधर्शन ठाकुर ने साइबर थाना में दिए आवेदन में बताया कि उनके मोबाइल पर लगातार फोन आ रहे थे।
कॉल करने वाला खुद को साइबर सेल का डीएसपी बताकर बात कर रहा था। उसने कहा कि अगर उनके पास 786 नंबर वाले नोट या पुराने सिक्के हैं, तो उसके बदले 45 लाख रुपये दिए जाएंगे।
शुरुआत में सुधर्शन ठाकुर को इस पर भरोसा नहीं हुआ, लेकिन बार-बार कॉल आने और सरकारी अधिकारी होने का दावा किए जाने के कारण वे ठगों की बातों में आ गए।

इसके बाद उनसे सत्यापन के नाम पर पहले एक हजार रुपये उनके बैंक खाते में जमा करने को कहा गया। उन्होंने अपने पेंशन खाते से यह राशि ट्रांसफर कर दी।
इसके बाद साइबर ठगों ने 12 हजार रुपये और जमा करने की मांग की और कहा कि आरबीआई के आदेश के बाद वे 45 लाख रुपये लेकर उनके घर पहुंचेंगे। इसी दौरान पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ।
मामले को लेकर सुधर्शन ठाकुर के पुत्र और दवा व्यवसायी संजीव ठाकुर ने साइबर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। साइबर थाना के पुलिस उपाधीक्षक अभिनव पराशर ने बताया कि इस मामले में तीन संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच की जा रही है और जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे किसी भी लालच भरे कॉल या संदेश पर भरोसा न करें और तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाना में शिकायत दर्ज कराएं।