पटना: बिहार में तेजी से फैल रहे अवैध ‘गुंडा बैंक’ पर अब सरकार पूरी तरह नकेल कसने की तैयारी में है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को स्पष्ट कहा कि राज्य में चल रहे इस अवैध सूदखोरी नेटवर्क का पूरी तरह अंत किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मनमाने ब्याज वसूलने और गरीबी-लाचारी का फायदा उठाकर लोगों का शोषण करने वाली इस व्यवस्था को खत्म करना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है।

सम्राट चौधरी ने बताया कि ‘गुंडा बैंक’ नामक यह नेटवर्क गांव और कस्बों में लंबे समय से सक्रिय है, जहां अपराधी गिरोह आम लोगों को जरूरत के समय कर्ज तो देते हैं।

लेकिन ब्याज की दर इतनी अधिक होती है कि लोग कर्ज के जाल में फंसते ही चले जाते हैं। कई मामलों में वसूली के दौरान मारपीट, धमकी और जमीन हड़पने तक की घटनाएं सामने आती रही हैं।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे गुंडा बैंकों पर कार्रवाई में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया है कि इस तरह की सूदखोरी गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान कर तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाए।

विशेष टीमों को जमीनी स्तर पर सक्रिय कर दिया गया है, जो गांव और पंचायत स्तर पर ऐसे अवैध फाइनेंस नेटवर्क की निगरानी कर रहीं हैं।

उन्होंने कहा कि कई जिलों से इस तरह की गतिविधियों की शिकायतें मिली हैं, जिन्हें गंभीरता से लेते हुए सरकार ने राज्यव्यापी अभियान शुरू किया है।

जिन लोगों से अवैध रूप से पैसे वसूले गए हैं, उनके मामलों की भी समीक्षा होगी और पीड़ितों को न्याय दिलाया जाएगा।

सम्राट चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे नेटवर्क को राजनीतिक संरक्षण नहीं मिलेगा और चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

सरकार चाहती है कि ग्रामीण और शहरी गरीबों को वैध माध्यमों से सस्ता और सुरक्षित ऋण उपलब्ध हो, ताकि वे किसी भी तरह के अपराधी नेटवर्क पर निर्भर न रहें।

उन्होंने जनता से भी अपील की कि यदि किसी इलाके में अवैध गुंडा बैंक की गतिविधि दिखे, तो उसकी सूचना स्थानीय प्रशासन को दें। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा स्पष्ट है, बिहार में अब कोई भी गैंग लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन पर अत्याचार नहीं करेगा।

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