पटना: बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव अब तय माना जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 14 अप्रैल को अपने पद से इस्तीफा देंगे और 15 अप्रैल को नई सरकार अस्तित्व में आ जाएगी। इसको लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं।
इस्तीफे से पहले आखिरी कैबिनेट बैठक:
सूत्रों के मुताबिक, इस्तीफा देने से पहले नीतीश कुमार अपनी अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की आखिरी बैठक करेंगे। यह बैठक पहले भी दो बार टल चुकी है, लेकिन अब इसे अंतिम रूप से आयोजित किए जाने की तैयारी है। इस बैठक में कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं।
अंबेडकर जयंती के दिन देंगे इस्तीफा:
14 अप्रैल को बाबा साहब बी आर अंबेडकर की जयंती के अवसर पर आयोजित राजकीय कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री अपना इस्तीफा सौंपेंगे। इसी दिन खरमास भी समाप्त हो रहा है, जिसे नए कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है।

CM हाउस बैठक के बाद तेज हुई सियासी हलचल:
शनिवार को उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और लखेंद्र रौशन ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। इसी बैठक के बाद इस्तीफे और नई सरकार के गठन को लेकर अटकलें तेज हो गईं।
लोकभवन में होगा शपथ ग्रहण, बदला गया स्थल:
नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह इस बार गांधी मैदान के बजाय लोकभवन में आयोजित किया जाएगा। पिछली बार नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी सरकार का शपथ ग्रहण गांधी मैदान में हुआ था, जिसमें कई बड़े राष्ट्रीय नेता शामिल हुए थे।
नए मुख्यमंत्री के नाम पर सस्पेंस बरकरार:
अब तक नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। एनडीए के नेताओं का कहना है कि इस पर अंतिम निर्णय भाजपा के शीर्ष नेतृत्व स्तर पर लिया जाएगा। इससे सियासी सरगर्मी और बढ़ गई है।
48 घंटे में बदलेगी बिहार की सियासत:
14 और 15 अप्रैल के बीच होने वाले घटनाक्रम बिहार की राजनीति को नई दिशा देंगे। इस्तीफा, नई सरकार का गठन और नए मुख्यमंत्री के चयन के साथ राज्य में सत्ता परिवर्तन का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।