पटना: खगौल में कस्टम अधिकारी बनकर 14.90 किलो सोना लूटने की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस घटना के पीछे दो संगठित गिरोहों की मिलीभगत सामने आई है।
डेढ़ साल से रची जा रही थी साजिश:
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस लूट की योजना करीब डेढ़ साल से बनाई जा रही थी। एक गिरोह कारोबारी के मूवमेंट पर नजर रख रहा था।
यूट्यूब देखकर बने नकली अधिकारी:
दूसरे गिरोह के सदस्य यूट्यूब से कस्टम अधिकारियों की कार्यशैली सीखकर नकली अधिकारी बने और जांच के नाम पर सोना लूट लिया।
तीन आरोपी गिरफ्तार, सोना बरामद:
एसआईटी ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 5.403 किलोग्राम सोना, 1.97 लाख रुपये, नौ कारतूस, एक स्कूटी और एक कार बरामद की गई है।
बाकी आरोपी अब भी फरार:
इस मामले में छह अन्य आरोपी फरार हैं, जिनके पास लूट का बाकी सोना होने की आशंका है। पुलिस दो राज्यों में छापेमारी कर रही है।

कैसे दिया वारदात को अंजाम:
गुजरात के कारोबारी के कर्मचारी 14.90 किलो सोना लेकर पटना पहुंचे थे। खगौल आरओबी पर बदमाशों ने उन्हें रोककर खुद को कस्टम अधिकारी बताया।
जांच के नाम पर लूटकर हुए फरार:
बदमाशों ने जांच का बहाना बनाकर सोने से भरा बैग ले लिया और एक कर्मचारी को कार में बैठाकर दूर छोड़ दिया, फिर फरार हो गए।
CCTV और तकनीक से मिला सुराग:
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और डंप डाटा के आधार पर आरोपितों की पहचान की। इसके बाद छापेमारी कर मास्टरमाइंड समेत तीन को पकड़ा गया।
सोना गलाने की थी तैयारी:
गिरफ्तार आरोपित सोना गलाने की तैयारी में थे। पुलिस ने मौके से गलाया हुआ सोना भी बरामद किया है।
डायरी में रखते थे पूरा हिसाब:
गिरोह कारोबारी की हर गतिविधि का रिकॉर्ड डायरी में रखता था। हालांकि, वारदात के बाद उन्होंने डायरी को जला दिया।