समस्तीपुर: समस्तीपुर में पुलिस की जांच या न्यायिक प्रक्रिया में अब तेजा आएगी। डिजिटल एप्लीकेशन ‘ई-साक्ष्य’ और मेडिको लीगल एग्जामिनेशन एंड पोस्टमार्टम रिपोर्टिंग सिस्टम के माध्यम से, पुलिस जांच, मेडिकल रिपोर्ट और न्यायालय की जटिल प्रक्रियाओं को ऑनलाइन प्लेटफार्म पर एक साथ लाया जा रहा है।
इससे न केवल मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी, बल्कि पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
मोबाइल और कंप्यूटर पर काम करने वाले इन एप्लीकेशनों के माध्यम से अब किसी भी आपराधिक मामले में दर्ज इंज्यूरी व पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य मेडिकल दस्तावेज रियल टाइम में अपडेट किए जाएंगे।
पहले जहां इन प्रक्रियाओं में कई दिन या सप्ताह का समय लग जाता था, वहीं अब डॉक्टरों द्वारा तैयार रिपोर्ट सीधे सिस्टम में अपलोड हो जाएगी, जिसे पुलिस और न्यायिक अधिकारी तत्काल देख सकेंगे।
इस एक प्लेटफार्म के जरिये डॉक्टर, पुलिस और न्यायालय, तीनों ही अपने-अपने लॉगिन से एक्सेस कर सकेंगे।
चिकित्सकों को राहत, सटीकता में होगा सुधार:
सिविल सर्जन डॉ. राजीव कुमार के अनुसार, इस डिजिटल सिस्टम से चिकित्सकों का कार्य आसान होगा और रिपोर्टिंग में सटीकता आएगी।
कागजी प्रक्रिया से मुक्ति मिलने के साथ ही त्रुटियों की संभावना भी कम होगी। सभी मेडिकल रिपोर्ट सीधे आनलाइन अपलोड होने से रिकार्ड सुरक्षित और व्यवस्थित रहेगा।

पीड़ितों को जल्द मिलेगा न्याय:
नई तकनीक के लागू होने से पुलिस की केस डायरी तैयार करने और अनुसंधान पूरा करने में लगने वाला समय घटेगा। दस्तावेजों की त्वरित उपलब्धता से मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी।
ऑनलाइन प्रक्रिया के कारण हेराफेरी की आशंका भी कम होगी और पारदर्शिता बनी रहेगी। साथ ही सभी रिकार्ड सुरक्षित डिजिटल रूप में संग्रहित रहेंगे, जिससे भविष्य में जरूरत पड़ने पर आसानी से उनका उपयोग किया जा सकेगा।
इस पहल से न केवल प्रशासनिक कार्यों में सुधार होगा, बल्कि आम लोगों का न्यायिक व्यवस्था पर भरोसा भी और मजबूत होने की उम्मीद है।
CCTNS से जुड़ेगा मेडिकल रिपोर्टिंग सिस्टम:
मेडिको लीगल एग्जामिनेशन एवं पोस्टमार्टम रिपोर्टिंग पोर्टल को जल्द ही क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (CCTNS) से जोड़ा गया है।
इस एकीकरण के बाद चिकित्सकों द्वारा अपलोड की गई मेडिकल रिपोर्ट सीधे जांच अधिकारी के सिस्टम पर उपलब्ध हो जाएगी।
इससे पुलिस को रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी।
सीसीटीएनएस से जुड़ाव के बाद पुलिस अपने लागिन आईडी के माध्यम से सीधे रिपोर्ट डाउनलोड कर सकेगी।