समस्तीपुर: समस्तीपुर जिले के ताजपुर प्रखंड स्थित प्रखंड संसाधन केंद्र में अवैध वसूली और भ्रष्टाचार के आरोपों ने शिक्षा विभाग में हलचल मचा दी है।
एक शिक्षिका की शिकायत के बाद मामला जिला से लेकर राज्य स्तर तक पहुंच गया है और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उत्क्रमित मध्य विद्यालय टोलेनासी आधारपुर में कार्यरत शिक्षिका सरस्वती कुमारी ने मुख्यमंत्री समेत वरीय अधिकारियों को भेजे आवेदन में आरोप लगाया है कि बीआरसी ताजपुर में कुछ कर्मियों द्वारा संगठित तरीके से शिक्षकों का आर्थिक और मानसिक शोषण किया जा रहा है।
उन्होंने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, लेखापाल और एक प्रधानाध्यापक पर मिलीभगत कर अवैध वसूली करने का आरोप लगाया है।
शिकायत में कहा गया है कि शिक्षकों के वेतन भुगतान में जानबूझकर तकनीकी त्रुटियां पैदा कर दी जाती हैं, जिससे उनका वेतन अटक जाता है।

इसके बाद सुधार के नाम पर उनसे पैसे की मांग की जाती है। साथ ही विभिन्न भत्तों के भुगतान में भी अनियमितता की बात कही गई है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के प्रशासी पदाधिकारी शिव कुमार राउत ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि आरोपों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिला शिक्षा पदाधिकारी कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने भी संबंधित अधिकारियों को जांच कर जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा है।
इसके लिए डीपीओ मध्याह्न भोजन योजना और एओ बीईपी को जिम्मेदारी दी गई है। इधर, लेखा शाखा में कर्मियों के प्रतिनियोजन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने ताजपुर के लेखापाल को जिला कार्यालय में प्रतिनियोजित किया है, जबकि अन्य प्रखंडों के कर्मियों को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसको लेकर शिक्षकों के बीच चर्चाएं तेज हो गई हैं।