पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को अपने एक्स हैंडल पर यह जानकारी साझा किया कि अगले दो वर्षों में सभी गांवों में दुग्ध उत्पादन समिति का गठन होगा।

सात निश्चय-3 के तीसरे निश्चय ‘कृषि में प्रगति-प्रदेश में समृद्धि’ के तहत डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य के प्रत्येक गांव में दुग्ध उत्पादन समिति के गठन का निर्णय लिया गया है ताकि पशुपालकों को दूध का उचित मूल्य मिल सके।

राज्य के कुल 39,073 गांवों में से 25,593 गांवों में दुग्ध उत्पादन समितियों का गठन किया जा चुका है। शेष सभी गांवों में अगले दो वर्षों के अंदर दुग्ध उत्पादन समितियों के गठन का निर्देश पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग को दिया गया है।

पशुपालकों की बढ़ेगी आमदनी:

इससे पशुपालकों की आमदनी बढ़ेगी और राज्य में दूध की उपलब्धता में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने लिखा कि सात निश्चय-2 के तहत राज्य के सभी प्रखंडों में सुधा दुग्ध बिक्री केंद्रों की स्थापना की जा चुकी है।

अब सात निश्चय-3 के अन्तर्गत राज्य की सभी पंचायतों में भी सुधा दुग्ध बिक्री केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में राज्य की कुल 8053 पंचायतों में से 100 पंचायतों में सुधा दुग्ध बिक्री केंद्र स्थापित हो चुके हैं।

अब शेष सभी 7953 पंचायतों में वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंत तक सुधा दुग्ध बिक्री केंद्र खोलने का निर्देश दिया गया है।

राज्य की पंचायतों में खुलने वाले नए सुधा दुग्ध बिक्री केंद्रों को प्राथमिकता के आधार पर मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से लाभान्वित जीविका दीदियों को आवंटित करने का निर्देश दिया गया है।

इससे राज्य के ग्रामीण इलाकों में महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। राज्य में डेयरी व्यवसाय बढ़ने से ग्रामीण इलाकों में अपने गांव में ही लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और उनकी आमदनी बढ़ेगी।

साथ ही लोगों के लिए दूध एवं दुग्ध उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और राज्यवासियों के जीवन में समृद्धि आएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top