समस्तीपुर: प्रधानमंत्री के हाथों उद्घाटन के बाद जिस अमृत भारत एक्सप्रेस से यात्रियों को तेज, आरामदायक और आधुनिक सफर की उम्मीद जगी थी, वह ट्रेन अब तक कागजों से बाहर नहीं निकल सकी है।
अलीपुरद्वार-समस्तीपुर-पनवेल (मुंबई) अमृत भारत एक्सप्रेस का उद्घाटन 17 जनवरी को पश्चिम बंगाल के मालदा से हुआ था, लेकिन इसके बावजूद ट्रेन का नियमित परिचालन अब तक शुरू नहीं हो पाया है।
उद्घाटन की रात जब नई-नवेली अमृत भारत एक्सप्रेस समस्तीपुर जंक्शन से गुजरी, तो प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों में खासा उत्साह देखने को मिला।
मुंबई के लिए नई ट्रेन मिलने की उम्मीद ने सीमांचल, उत्तर बिहार और मिथिलांचल के यात्रियों को राहत का सपना दिखाया, लेकिन करीब बीस दिन बीत जाने के बाद भी रेलवे इसकी समय-सारणी तय नहीं कर सका है।
स्थिति यह है कि ट्रेन का उद्घाटन तो हो गया, लेकिन एक भी दिन नियमित रूप से इसका संचालन नहीं हुआ। इससे खासकर मुंबई आने-जाने वाले यात्रियों में निराशा बढ़ती जा रही है।
होली को लेकर घर आने और फिर वापस परदेस लौटने वाले प्रवासियों को इस ट्रेन से बड़ी उम्मीद थी, लेकिन फिलहाल उन्हें पवन एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में भीड़ और लंबी वेटिंग लिस्ट का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्रियों को धक्का-मुक्की तक झेलनी पड़ रही है।

सुविधाओं के नाम पर ‘प्रीमियम’ ट्रेन :
अमृत भारत 2.0 श्रेणी की इस ट्रेन को आधुनिक सुविधाओं से लैस बताया गया है। कोचों में फोल्डेबल स्नैक्स टेबल, मोबाइल और बोतल रखने के लिए विशेष होल्डर दिए गए हैं।
हवाई जहाज की तरह रेडियम युक्त फर्श स्ट्रिप और एयर स्प्रिंग बॉडी से सफर को आरामदायक बनाने का दावा किया गया है।
ट्रेन की अधिकतम गति 130 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है। शौचालयों में इलेक्ट्रो-न्यूमेटिक फ्लशिंग सिस्टम, ऑटोमैटिक साबुन डिस्पेंसर और अग्नि सुरक्षा के लिए आधुनिक फायर सप्रेशन सिस्टम लगाया गया है।
नंबर तय, समय अब भी अधर में :
रेलवे ने इस ट्रेन के लिए 11031/11032 पनवेल-अलीपुरद्वार-पनवेल अमृत भारत एक्सप्रेस नंबर निर्धारित कर दिया है। उद्घाटन के अवसर पर इसे 01032 सिलीगुड़ी-पनवेल अमृत भारत स्पेशल के रूप में चलाया गया था, जो कटिहार, नौगछिया, मानसी, खगड़िया, हसनपुर रोड, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर और हाजीपुर से होकर गुजरी थी।
हालांकि, नियमित परिचालन की समय-सारणी को लेकर अब तक रेलवे की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में सवाल यही है कि जिस ट्रेन को यात्रियों के लिए बड़ी सौगात बताया गया था, वह आखिर कब पटरी पर दौड़ेगी।