समस्तीपुर/विभूतिपुर: प्रखंड क्षेत्र के एक गांव में प्रेम प्रसंग से जुड़ा एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां चाउमीन लेकर प्रेमिका से मिलने पहुंचे युवक की ग्रामीणों ने पकड़कर मंदिर में शादी करवा दी।
यह घटना इन दिनों इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। बताया जाता है कि युवक और युवती के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था।
मंगलवार की रात युवक चुपके से चाउमीन का पैकेट लेकर अपनी प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंचा था। दोनों घर के अंदर बातचीत और प्रेमालाप में व्यस्त थे, तभी ग्रामीणों को इसकी भनक लग गई।
सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और युवक को पकड़ लिया। कुछ ही देर में गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों और परिजनों ने सामाजिक मर्यादा और बदनामी का हवाला देते हुए दोनों की शादी कराने का निर्णय लिया।

शुरुआत में युवक ने इस फैसले का विरोध किया, लेकिन बाद में ग्रामीणों के दबाव और दोनों की आपसी सहमति के बाद विवाह कराने पर सहमति बन गई। इसके बाद पास के मंदिर में दोनों की शादी की रस्में पूरी कराई गईं।
युवक ने युवती की मांग में सिंदूर भरा और दोनों ने एक-दूसरे को पति-पत्नी के रूप में स्वीकार किया। शादी के बाद दोनों परिवारों ने भी इस रिश्ते को मंजूरी दे दी।
घटना को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग इसे सामाजिक मर्यादा से जोड़कर सही ठहरा रहे हैं, तो कुछ इसे जबरन विवाह का उदाहरण बता रहे हैं।
वहीं, गांव में मजाकिया अंदाज में लोग कह रहे हैं कि युवक चाउमीन लेकर आया था, लेकिन जीवनसाथी लेकर लौट गया।
यह मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे बिहार का ‘पकड़ौआ विवाह’ बता रहे हैं। घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में प्रेम संबंधों और सामाजिक दबाव को लेकर बहस छेड़ दी है।