पटना: एशियास्तर के सफल खेल आयोजनों के बाद बिहार ने अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप की तरफ कदम बढ़ाए हैं। वर्ष 2030 का पुरुष हाकी विश्वकप एवं राष्ट्रमंडल खेल की मेजबानी करने का दावा बिहार ने किया है।
मंगलवार को पेश बजट में सरकार ने वर्ष 2026 की एफआइएच हाकी प्रो लीग, साल 2028 के नेशनल यूथ गेम्स और 2034 के राष्ट्रीय खेल भी बिहार में कराने की योजना प्रस्तावित की है।
बजट में आगामी वर्षों की प्रस्तावित योजनाओं में बहु खेल प्रतियोगिता राष्ट्रमंडल खेल भी प्राथमिकता से अंकित है, हालांकि कौन से खेल प्रदेश में होंगे, इसकी जानकारी नहीं दी है।
देश में पहली बार 2028 में नेशनल यूथ गेम्स का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश ने इस बड़ी चैंपियनशिप के लिए भी दावेदारी की है।
सभी प्रमंडलीय मुख्यालयों में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप खेल संरचना के निर्माण योजना के तहत राज्य के सभी नौ प्रमंडलों में भूमि चिह्नित की गई है। दो प्रमंडलों पूर्णिया एवं सहरसा में बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा निर्माण जारी है।

प्रदेश में 46 स्टेडियम निर्माणाधीन:
राज्य के 38 जिलों की सभी 8,053 ग्राम पंचायतों में कम-से-कम एक खेल मैदान बनाने का लक्ष्य है।
सरकार ने दावा किया है कि अब तक कुल 5,341 खेल मैदान चिन्हित किया गया है, जिसमें से कुल 4,849 खेल मैदान का निर्माण कार्य पूर्ण है तथा 492 निर्माणाधीन है।
मुख्यमंत्री खेल विकास योजनांतर्गत प्रदेश में खेल संरचना का निर्माण के तहत प्रखंडस्तर पर 257 स्टेडियमों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है तथा 46 स्टेडियम निर्माणाधीन है।
25 जिलों में 165.25 करोड़ (प्रति जिला 6.61 करोड़) रुपये की लागत से खेल भवन सह व्यायामशाला के निर्माण पूर्ण है। 13 जिलों में औसतन 10.31 करोड़ रुपये प्रति इकाई की लागत से प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। निर्माण कार्य प्रक्रियाधीन है।
14 शहरों में होंगे बेहतर मैदान:
पटना प्रमंडलीय मुख्यालय में खेल संरचना के निर्माण हेतु पुनपुन अंचल के राजस्व ग्राम डुमरी में 100 एकड़ भूमि अधिग्रहण हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 57433 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।
पश्चिमी चंपारण, खगड़िया, सुपौल, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, जमुई, बक्सर, अरवल, जहानाबाद, औरंगाबाद एवं कैमूर के 14 स्थानों में कुल 477.80 करोड़ रुपये की लागत से स्टेडियम, खेल अवसंरचना, स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है।