समस्तीपुर: समस्तीपुर रेल मंडल के आठ प्रमुख स्टेशनों पर फेयर रिपीटर बोर्ड लगाए जाएंगे। समस्तीपुर जंक्शन, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, रक्सौल, मोतिहारी, नरकटियागंज, सीतामढ़ी और सहरसा का चयन किया गया है।
यहां डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड पर यात्रियों को यात्रा स्टेशन और टिकट का मूल्य स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
मंडल मुख्यालय से आनलाइन निगरानी की जाएगी, जिससे किसी भी गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी। इसके अलावा समस्तीपुर मंडल के 220 हाल्ट स्टेशनों पर भी यात्रियों की सुविधा के लिए नई व्यवस्था की जा रही है।
इन हाल्ट स्टेशनों पर ट्रेनों की समय सारिणी, किराया तालिका और अन्य जरूरी यात्री जानकारी से संबंधित फ्लेक्स बोर्ड लगाए जाएंगे। इन बोर्डों के रखरखाव की जिम्मेदारी ठेका लेने वाली एजेंसी को दी जाएगी।
एजेंसी को तीन साल तक इन बोर्डों की देखरेख करनी होगी, ताकि यात्रियों को हमेशा अद्यतन जानकारी मिलती रहे।
पहली बार शुरू हो रही यह व्यवस्था:
समस्तीपुर मंडल में पहली बार इस तरह की डिजिटल व्यवस्था लागू की जा रही है। यात्रियों को काउंटर पर कर्मचारी द्वारा बताए गए किराया पर ही भरोसा करना पड़ता था।
कई बार गलतफहमी या जानकारी के अभाव में यात्रियों से अधिक किराया वसूलने की शिकायतें सामने आती थी।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद यात्री खुद डिस्प्ले बोर्ड पर किराया देखकर भुगतान करेंगे। इससे खासकर अनपढ़, ग्रामीण और श्रमिक वर्ग के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी, जो अक्सर टिकट किराया को लेकर असमंजस में रहते हैं।

ओवर चार्जिंग और विवाद पर लगेगी रोक:
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, टिकट काउंटर पर ओवर चार्जिंग को लेकर आए दिन शिकायतें मिलती रहती थी। यात्रियों और काउंटर कर्मियों के बीच किराया को लेकर बहस और झगड़े की स्थिति बन जाती थी।
फेयर रिपीटर बोर्ड लगने के बाद यह विवाद पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। चूंकि किराया सभी के सामने डिस्प्ले पर दिखाई देगा, इसलिए किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश नही रहेगी। इससे यात्रियों का भरोसा भी रेलवे व्यवस्था पर बढ़ेगा।
पारदर्शिता बढ़ाना रेलवे का मुख्य उद्देश्य:
सीनियर डीसीएम ने कहा कि टिकट व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाना रेलवे का मुख्य उद्देश्य है। कई बार ओवर चार्जिंग की शिकायतें मंडल कार्यालय तक पहुंचती थी। यात्रियों की इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यह निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल डिस्प्ले के माध्यम से अब हर यात्री खुद किराया देख सकेगा। इससे टिकट प्रणाली में भरोसा और पारदर्शिता दोनों बढ़ेंगी।
मंडल मुख्यालय से होगी ऑनलाइन निगरानी:
फेयर रिपीटर बोर्ड को समस्तीपुर मंडल मुख्यालय के राउटर से जोड़ा जाएगा। इससे मंडल मुख्यालय में बैठे अधिकारी भी टिकट काउंटरों की गतिविधियों पर ऑनलाइन नजर रख सकेंगे।
हर टिकट के जारी होने और किराया लेने की प्रक्रिया की लाइव मानिटरिंग की जाएगी। अगर कोई कर्मचारी अधिक किराया वसूलने की कोशिश करेगा तो वह तुरंत अधिकारियों की नजर में आ जाएगा और उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।