पटना: देश-विदेश के लंबे सैर के बाद तेजस्वी यादव रविवार दोपहर सपरिवार पटना पहुंच गए। पटना पहुंचते ही उन्होंने विधानसभा चुनाव में धांधली के साथ जीत के लिए एनडीए पर प्रलोभन देने का आरोप लगाया।
कहा कि हम शुरू से ही सकारात्मक राजनीति करते आए हैं। यही कारण है कि सरकार गठन के सौ दिन तक उसकी नीतियों, निर्णयों और कार्यक्रमों पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन उसके कार्यों की विवेचना करते रहेंगे।
इस बयान से स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में तेजस्वी सरकार के विरुद्ध अपेक्षाकृत अधिक आक्रामक होंगे। हवाईअड्डा परिसर में तेजस्वी ने कहा कि पूरा देश कह रहा है कि विधानसभा चुनाव में लोक हारा और तंत्र जीता।
इन्होंने (NDA) जनतंत्र को धन-तंत्र और मशीन तंत्र बना दिया है। छल-कपट-प्रपंच और मशीनरी से प्राप्त जनादेश को जनता कितना स्वीकार रही है, यह सभी जानते हैं !

किसी से नहीं छिपी है बिहार की हालत:
डबल इंजन सरकार में अपराध, भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, पलायन, शिक्षा, चिकित्सा और विधि व्यवस्था का क्या हश्र है, यह किसी से छुपा नहीं है!
हम चाहते हैं कि यह सरकार अपने घोषणा-पत्र पर अमल करे। उसमें प्रदेश की 2.5 करोड़ महिलाओं को दो-दो लाख रुपये देने के साथ एक करोड़ नौकरियों का प्रण है।
हर जिले में चार-पांच बड़े उद्योग और फैक्ट्री लगाने समेत अनेक वादे हैं। चुनाव पूर्व प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से ये (एनडीए) 150 करोड़ रुपये बांट सकते हैं, तो सरकार गठन पश्चात नागरिकों की हर मांग हर परिस्थिति में पूर्ण होनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि मोतियाबिंद के आपरेशन और नौकरी के बदले भूमि प्रकरण में पैरवी के बाद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद भी शनिवार शाम दिल्ली से पटना आए।
तेजस्वी विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान ही विदेश की यात्रा पर निकले थे। वहां से लौटकर पिछले एक सप्ताह से दिल्ली में थे।
अब दोनों के लौट आने के बाद संभव है कि राजद में संगठन की ढीली चूलें कसने की पहल शुरू हो। मकर संक्रांति के बाद तेजस्वी एक बार फिर बिहार की यात्रा पर निकल सकते हैं।