सीतामढ़ी: जिले के विभिन्न स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की कुंडली खंगालने में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना की टीम जुटी है। जैसे-जैसे प्रमाण पत्रों की जांच हो रही है, फर्जी शिक्षकों के विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज कराई जा रही है।
निगरानी जांच में फर्जी प्रमाण पत्र मिलने पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना के पुअनि गणेश कुमार ने जिले के अलग-अलग थानों में तीन शिक्षक व शिक्षिका के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने को लेकर आवेदन दिया है।
इसमें नियोजित प्रखंड शिक्षक सुधांशु कुमार, प्रखंड शिक्षिका रूना पासवान व पंचायत शिक्षिका कुमारी आरती रानी शामिल हैं। इन शिक्षक व शिक्षिकाओं का निगरानी जांच में शैक्षणिक प्रमाण-पत्र फर्जी पाए गए हैं। बताया गया है कि फर्जीवाड़ा में अब तक 109 शिक्षकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
निगरानी विभाग के सूत्रों के अनुसार जिले में कार्यरत 100 से अधिक ऐसे शिक्षकों को चिह्नित किया गया है, जिनका शैक्षणिक प्रमाण पत्र संदेहास्पद है। संबंधित शैक्षणिक संस्थानों से जांच रिपोर्ट आने बाद अगर फर्जी पाए गए तो उनपर भी प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
सुधांशु के इंटर का अंक पत्र मिला फर्जी:
निगरानी विभाग के पुअनि गणेश कुमार ने बेलसंड थाना में दिए आवेदन में बताया है कि निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना द्वारा निगरानी जांच पंजीकृत करते हुए साल 2015 के बाद वर्ष 2006 से 2015 तक नियोजित शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की जांच के लिए जिलावार पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई थी।
डीपीओ स्थापना द्वारा उपलब्ध कराए गए फोल्डर की जांच के क्रम में पाया गया है कि नियोजित प्रखंड शिक्षक सुधांशु कुमार वर्तमान में मध्य विद्यालय कंसार में पदस्थापित है। इनका नियोजन वर्ष 2006 है। इनका नियोजन इंटरमीडिएट स्तर पर अप्रशिक्षित शिक्षक के रूप में हुई थी।
इनके इंटरमीडिएट अंक पत्र जिसका रोल कोड 3210, रोल नं 10162, इनरौलमेंट आर 0076-03, वर्ष 2005, प्राप्तांक 750 का सत्यापन बिहार इंटरमीडिएट काउंसिल से कराया गया। इसमें फर्जी पाया गया है।

रूना पासवान के मध्यमा का अंक पत्र फर्जी :
परसौनी थाना में दिए गए आवेदन में बताया गया है कि नियोजित प्रखंड शिक्षिका रूना पासवान वर्तमान में मध्य विद्यालय भाउरगढ़ बोखड़ा में पदस्थापित है। इनका नियोजन वर्ष 2006 है। इन्होंने प्रखंड नियोजन इकाई बोखड़ा में आवेदन किया था। इनका नियोजन इंटरमीडिएट स्तर पर अप्रशिक्षित प्रखंड शिक्षिका के रूप में हुई है।
रूना पासवान के मध्यमा अंक पत्र जिसका रोल कोड 9, रौल नं. 291, वर्ष 2000, प्राप्तांक 387 श्रेणी तृतीय है, का सत्यापन बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड पटना से कराया गया। सत्यापन में इनका उक्त प्रमाण पत्र फर्जी बताया गया।
मध्यमा अंक पत्र में मिला दूसरे का नामः
परसौनी थाना में दिए गए आवेदन में निगरानी विभाग के अधिकारी ने बताया है कि नियोजित पंचायत शिक्षिका कुमारी आरती रानी वर्तमान में प्राथमिक विद्यालय आनंदी साह डेरा देमा प्रखंड परसौनी में पदस्थापित है। इनका नियोजन वर्ष 2006 है। इन्होंने ग्राम पंचायत राज देमा में आवेदन किया था।
इनका नियोजन इंटरमीडिएट स्तर पर अप्रशिक्षित पंचायत शिक्षिका के रूप में हुई। इनका मध्यमा अंक पत्र कोड 30 रौल नं. 387 वर्ष 1988 प्राप्तांक 515 श्रेणी प्रथम का सत्यापन बिहार संस्कृत बोर्ड पटना से कराया गया, जो फर्जी बताया गया है। उक्त अंक पत्र में राम नारायण झा एवं पिता कुमार झा का नाम अंकित होने का उल्लेख किया गया है।