समस्तीपुर/विभूतिपुर: विभूतिपुर थाना क्षेत्र के गाछी टोला शाहपुर के पास माइक्रो फाइनेंस कर्मी को गोली मारकर लूट की घटना का पुलिस ने राजफाश कर दिया है, लेकिन लूटी गई राशि को लेकर नया पेंच फंस गया है।
फाइनेंसकर्मी जहां 46 हजार रुपये लूटने का दावा कर रहा है, वहीं गिरफ्तार बदमाश केवल 23 हजार रुपये ही लूटने की बात स्वीकार कर रहे हैं। इस विरोधाभास ने विभूतिपुर पुलिस की जांच को उलझा दिया है।
सोमवार को थाना परिसर में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में रोसड़ा एसडीपीओ संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि 21 दिसंबर की शाम गुप्त सूचना मिली थी कि जोगिया स्थित कोल्ड स्टोरेज के पास कुछ अपराधी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं। सूचना के आधार पर थानाध्यक्ष सुनील कुमार झा के नेतृत्व में टीम गठित कर छापेमारी की गई।
छापेमारी के दौरान चार अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गया। गिरफ्तार बदमाशों के पास से 12,500 रुपये नकद, तीन देसी कट्टा, एक देशी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, तीन मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त स्प्लेंडर बाइक बरामद की गई है।

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान खदियाही वार्ड-2 निवासी विशाल कुमार, भुसवर वार्ड-2 निवासी सचिन कुमार और बसौना निवासी विकास कुमार उर्फ दांतूला के रूप में हुई है। वहीं एक विधि विरुद्ध किशोर को निरुद्ध किया गया है। फरार अपराधी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
एसडीपीओ ने बताया कि पूछताछ में खुलासा हुआ है कि दांतूला ने माइक्रो फाइनेंस कर्मी की रेकी की थी, जबकि सचिन ने गोली चलाई थी। घायल होने के बाद फाइनेंसकर्मी की जैकेट से नकदी निकालकर अपराधी फरार हो गए और बाद में राशि आपस में बांट ली।
लूटी गई रकम को लेकर एसडीपीओ ने कहा कि प्राथमिकी में फाइनेंसकर्मी ने 46 हजार रुपये लूटने की बात कही है, जबकि अपराधी केवल 23 हजार रुपये लूटने की बात स्वीकार कर रहे हैं। कुल कलेक्शन और वास्तविक लूट की राशि की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि फरार आरोपित को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले में सभी तथ्यों की गहन जांच की जा रही है।